नीच राजनीति

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priyanka.jpgलम्बे और उबाऊ हो चुके चुनाव अब अपनी मंजिल की ओर तेजी से बढ़ रह है। एक धारावाहिक के रूप में चल रहे इस चुनाव में सभी मसाले भी धारावाहिक जैसे ही है। कुछ अच्छे पात्र है कुछ बुरे हैं, कुछ को जबरदस्ती अच्छा साबित करने की कोशिश की जा रही है जबकि कुछ को बुरा साबित करने की होड़ मची हुई है। कांग्रेस और भाजपा दोनो अपने आप को नायक और विरोधी को खलनायक के रूप में पेश कर रहे हैं। अब जनता किसे नायक और किसे खलनायक मानती है ये तो चुनाव परिणाम ही बतायेगें मगर इस दरम्यान संवाद का जो दौर निम्न हो गया है उसे उठाना नेताओं और समाज दोनो के लिये चुनौती है। नरेंद्र मोदी और प्रियंका गाँधी वाड्रा के बीच चल रहा जुबानी युद्ध इसी का एक उदाहरण है।
नरेंद्र मोदी की जुबानी जंग इस चुनाव में भाग ले रहे लगभग सभी नेताओं के साथ जारी है। सभी नेता मोदी पर शब्दवान चल रहे है। इस क्रम में मोदी को क़साई से लेकर महाशैतान तक कह गया। मोदी ने भी बहुत सारे नेताओं पर हमले किये हैं पर उनके हमले सोनिया गाँधी और राहुल गांधी पर काफी तीखे होते हैं। अमेठी में अपनी रैली मैं मोदी ने पुरे गांधी परिवार पर निशाना साधा था। इस हमले के बाद बहुत सारे कांग्रेस के नेताओं के साथ-साथ प्रियंका गांधी वाड्रा भि सामने आयीं थी। उन्होंने मोदी पर नीच राजनीति करने क इल्जाम लगाया था। पर मोदी ने इस हमले को एक धारदार हथियार बनाकर उसके मुहं कांग्रेस के तरफ ही मोड़ दिया।

आज की राजनीति में एक पक्ष दुसरे के बयान को बड़ी ही  चतुराई पूर्वक दुसरे के तरफ मोड़ कर उसके गलत व्याख्या करने की परंपरा जग गयी है। नरेंद्र मोदी के कुत्ते के बच्चे के नाम पर संवेदना प्रकट करने के बयान को भी काफी तूल दिया गया था। यानि नीच राजनीति और नीची राजनीति इसके माहिर दोनो ही पक्ष है। नरेंद्र मोदी ने प्रियंका के बयान को जिस तरह जाति से जोड़ कर देखा है ये भी राजनीति में आ रहे गिरावट को ही दर्शाता है।

अब सिर्फ़ एक दौर का मतदान शेष रह जाएगा। अमेठी की हाई प्रोफाइल लड़ाई के बाद अब वाराणसी की बारी है। जितना ड्रामा और इमोशन अमेठी में दिखा है वाराणसी उससे कहीं से भि कम साबित नहीं होगा। नरेंद्र मोदी का चुनाव क्षेत्र होने के कारण उम्मीद है सारे पार्टी के नेता वहां पहुंचेगे। मुख़्तार अंसारी के कांग्रेस के पक्ष जाने से  और शरद यादव के अरविन्द केजरीवाल के पक्ष में प्रचार करने से पहले ही मुकाबले की दहक महसूस होने लगी है।

चुनाव जल्द समाप्त हों इसकी कामना शयद सभी भारतवासी कर रहे होंगे। जल्द परिणाम आयें ताकि इस छदम युद्ध को छोड़कर लोग कुछ विकास का काम देखे ऐसी भी सभी की चाहत होगी। परिणाम के इंतज़ार में बाकियों के साथ ........

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