15वीं लोकसभा का समापन

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Sushma-Swaraj.jpgसंसद का यह सत्र समाप्त हो गया। हंगामाखेज इस सत्र के समाप्त होते ही लोकसभा के इस कार्यकाल का भी समापन हो गया। अपने हंगामे के कारण यह सत्र काफी चर्चा में रहा। कालीमिर्च का स्प्रे और चाकू भी इस सत्र के दौरान देखा गया। तेलंगाना के राज्य बनने में आंध्र प्रदेश की सड़कों के साथ-साथ संसद में भी बिलकुल एक तरह की लड़ाई दिखी। भारत का उन्तीसवाँ राज्य हिंसा की गर्भ से निकला एक ऐसा राज्य बना जिसने संसद की पवित्र जगह को शर्मसार कर दिया। पर ऐसा नहीं है कि हंगामा बस इसी एक सत्र में हुआ हो। इस पुरे लोकसभा के कार्यकाल का अधिकाँश समय हंगामा और प्रदर्शन में ही गुजर गया।
इस पुरे लोकसभा का कार्यकाल को देखा जाए तो सिर्फ घोटाले और भ्रष्टाचार की बात याद आती है। याद आती है 2जी घोटाला और जेपीसी के नाम पर लोकसभा के बहिष्कार का दौर जब पूरा का पूरा सत्र इसके भेंट चढ़ गया था। इसके अलावा कोयला का घोटाला जिसकी आंच प्रधानमंत्री तक पहुँच गयी थी। इस घोटाले ने प्रधानमंत्री की साफ़-सुथरी छवि पर एक तरह से चोट पहुंचाई। उनके कार्यालय से गायब हुई फाइलों ने भी सनसनी पैदा की।

यह लोकसभा अन्ना का अनशन और फिर जॉइंट ड्राफ्टिंग कमिटी के कारण भी याद रखी जायेगी। अन्ना के अनशन के बाद संसद में अन्ना का गुणगान और लोकपाल बनाने का संकल्प भी लिया गया था। बाद में लोकपाल बिल पारित हुआ भी। पिछले कई लोकसभा लोकपाल  पास करने में असमर्थ रहे थे पर इस लोकसभा ने ऐतिहासिक रूप लोकपाल का क़ानून बनाकर अपने आप को इतिहास में अमर कर लिया है।

पर कई बिल इस दौरान छूट गए। इसमें सांप्रदायिक हिंसा बिल सबसे महत्वपूर्ण था। भाजपा और कांग्रेस इस बिल पर आमने सामने खड़ी नज़र आयीं और बिल का हस्र वही हुआ जो होना था। सभी राजनीतिक दल फेडरल स्ट्रक्चर का बहाना बनाकर इस बिल का विरोध कियेऔर बिल ठन्डे बस्ते में चला गया।

जाते हुए दिन सुषमा स्वराज ने सारी कटुता को दरकिनार करते हुए सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह दोनों की तारीफ़ की। उन्होंने भारत के सबसे पुराने राजनीतिज्ञों में से एक लालकृष्ण आडवाणी भी तारीफ़ की। यहाँ भारत के लोकतंत्र और उससे जुड़े लोगों का दूसरा और बेहतर पक्ष भी लोगों को दिखा।

अनेक खट्टे-मीठे यादों के साथ इस लोकसभा की समाप्ति के बाद अब चुनावों का इंतज़ार है। लोकतंत्र के इस महापर्व के बाद फिर से लोकसभा का गठन होगा और उम्मीद इस बात कि रहेगी कि जितना कम काम इस बार हुआ है वो सारी भरपाई की जा सकेगी।

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